HINDI SHER Posted By: Poetry by Krunal June 06, 2021 Leave a Reply 1)आज बात कुछ ऐसी करनी है कि मौसम-ए-महेफिल बदलजाये,जरा बैठो हमारे पास तो हाल-ए-दिल बदलजाये।(2)आग बुझी है,धुंआ अभी थमा नही है,दूध में छाछ गिरी है,मगर दही अभी जमा नही है। Categories: HINDI SHAYARI Continue reading
hindi sher- क्या पता कल मिट्टी में ही मिलजाउ? Posted By: Poetry by Krunal June 06, 2021 Leave a Reply hindi sher- क्या पता कल मिट्टी में ही मिलजाउ?लुंटले आज निःस्वार्थ प्रेम की नदियां बहा रहा हु,क्या पता कल सूखा रेगिस्तान ही बनजाउ?जरा सोचले,आज तेरे सामने खड़ा हूँ,क्या पता कल मिट्टी में ही मिलजाउ? Categories: HINDI SHAYARI Continue reading
HINDI SHAYARI- हरकोई मिलकर फिर बिछड़ते है। Posted By: Poetry by Krunal June 01, 2021 Leave a Reply HINDI SHAYARI- हरकोई मिलकर फिर बिछड़ते है। रिस्ते बनते है,रिस्ते बिगड़ते है,ख्वाब सजते है,ख्वाब उजड़ते है।एक बात हमसफ़र बनाने लायक है,हरकोई मिलकर फिर बिछड़ते है। जिंदगीमें कई बार ऐसा होता है कि हम नए लोगो से मिलते है, अच्छे रिश्ते बनाते है, अच्छा समय गुजारते है पर जिंदगी में आगे चलके कुछ लोको का साथ छूट जाता है। वजल चाहे कोई भी हो पर कुछ रिश्ते खत्म हो जाते है। वैसेही हम कई नए ख्वाब देखते है पर वो पूरे नई हो पाते और हम नाराज हो जाते है। पर हमें यह वात स्वीकारलेंनी चाहिए कि हर बार वैसा नही होता जो हम चाहते है। हमे अपने आपको इतना मजबूत बनालेन चाहिए कि हम सारे बुरे परिणाम स्वीकार कर शके और जीवन मे आगे बढ़ जाये। Categories: HINDI SHAYARI Continue reading